
रक्सौल, पूर्वी चंपारण
दुनिया की हर चीज़ में अच्छाई और बुराई दोनों मौजूद होती हैं। कुछ बातें हमें इसलिए अच्छी लगती हैं क्योंकि वे हमें खुशी देती हैं, जबकि कुछ बातें बुरी लगती हैं क्योंकि वे हमारी इच्छाओं में बाधा डालती हैं। लेकिन वास्तविकता कई बार इससे बिल्कुल अलग होती है।
लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष के साथ मीडिया प्रभारी तथा भारत विकास परिषद, रक्सौल के सेवा संयोजक एवं मीडिया प्रभारी, समाजसेवी बिमल सर्राफ ने प्रेस से बातचीत करते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जो चीज़ें हमें अच्छी दिखाई देती हैं, उनमें भी कमियां छिपी होती हैं, और जो बातें बुरी लगती हैं, उनमें भी अच्छाई मौजूद रहती है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति सफलता चाहता है और असफलता से दुखी होता है, लेकिन सफलता के कुछ नुकसान भी होते हैं, जबकि असफलता कई मायनों में लाभदायक साबित होती है। असफलता व्यक्ति को अपनी गलतियों पर विचार करने और उन्हें सुधारने का अवसर देती है। यह पूर्ण सफलता की ओर बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
बिमल सर्राफ ने कहा कि आमतौर पर असफलता के पीछे व्यक्ति की अपनी गलतियां होती हैं। सामान्य लोग अपनी असफलताओं का दोष दूसरों पर डालते हैं, जबकि बुद्धिमान व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार कर उन्हें सुधारने का प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि असफलता भले ही कष्टदायक हो, लेकिन वह चरित्र निर्माण करती है। वहीं सफलता, भले ही खुशी देती हो, कई बार अहंकार को जन्म देती है। अहंकार व्यक्ति को वास्तविकता से दूर कर देता है और जीवन में बाधा बनता है।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और अहंकार में अंतर होता है। आज का मनुष्य स्वयं को सब कुछ करने वाला मानकर अहंकार में डूब जाता है, जबकि सृष्टि का संचालन ईश्वर की शक्ति से होता है। यदि मनुष्य विनम्रता और आत्मचिंतन को अपनाए, तो वह जीवन जीने की सही कला सीख सकता है।




